अध्याय 64

वक़्त बीतता जा रहा था और मानव-तस्कर झल्लाकर बोला, “समय बर्बाद करना बंद करो। पैसे दो और अपना फैसला करो।”

जेम्स ने आँखें बंद कीं, और जब फिर खोलीं तो हिचकिचाहट का नामोनिशान नहीं था—बस ठंडी-सी दृढ़ता रह गई थी।

उसने मेरी तरफ देखा, आवाज़ असाधारण रूप से सख़्त थी, “सोफ़िया, इसाबेला को बचा लेने के बाद मैं ...

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